নীলাম্বর-ধরা-রাধা
পীতাম্বর-ধরো হরিঃ।
জীবনে নিধনে নিত্যম্
রাধা-কৃষ্ণৌ গতির্ মম্॥7॥
বৃন্দাবনেশ্বরী রাধা
কৃষ্ণো বৃংদাবনেশ্বরঃ।
জীবনে নিধনে নিত্যম্
রাধা-কৃষ্ণৌ গতির্ মম্॥8॥
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥ हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥