તુમિ હરિ દયામય, પાઇલે મોરે સુનિશ્ચય,
સર્વોત્તમ દયાર વિષય
તોમાકે ના છાડિ’ આર, એ ભક્તિવિનોદ છાર,
દયાપાત્રે પાઇલે દયામય॥3॥
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥ हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥