তাঁহার ভক্তের-সংগ, তাঁর সংগে য়ার সংগ,
তার সংগে কেন নাহিল বাস।
কি মোর দুঃখের কথা, জনম গোযাইনু বৃথা,
ধিক ধিক নরোত্তমদাস॥4॥
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥ हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥