वैष्णव भजन  »  श्रील प्रभुपाद प्रणति
 
 
ଶ୍ରୀଲ ପ୍ରଭୁପାଦ ପ୍ରଣତି 
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ନମ ଓଁ ଵିଷ୍ଣୁ-ପାଦାଯ କୃଷ୍ଣ-ପ୍ରେଷ୍ଠାଯ ଭୂତଲେ।
ଶ୍ରୀମତେ ଭକ୍ତିଵେଦାନ୍ତ-ସ୍ଵାମିନ୍‌ ଇତି ନାମିନେ॥1॥
 
 
ନମସ୍ତେ ସାରସ୍ଵତେ ଦେଵେ ଗୌର-ଵାଣୀ ପ୍ରଚାରିଣେ।
ନିର୍ଵିଶେଷ-ଶୂନ୍ଯଵାଦୀ-ପାଶ୍ଚାତ୍ଯ-ଦେଶ-ତାରିଣେ॥2॥
 
 
 
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥ हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥