বিপদে সম্পদে তাহা থাকুক সম-ভাবে।
দিনে-দিনে বৃদ্ধি-হউক নামের প্রভাবে॥6॥
পশু-পক্ষী হযে থাকি স্বর্গে বা নিরযে।
তব ভক্তি রহ ভকতিবিনোদ-হৃদযে॥7॥
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥ हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥