(জীব) কৃষ্ণদাস, এ বিশ্বাস,
কর্’ লে ত’ আর দুঃখ নাই
(কৃষ্ণ) বল্ বে জবে, পুলকে হ’বে
ঝ’র্বে আঁখি, বলি তাই॥2॥
(রাধা) কৃষ্ণ বোলো, সঙ্গ চলো,
এইমাত্র ভিক্ষা চাই
(জায) সকল বিপদ ভক্তিবিনোদ
বোলে, জখন ও – নাম গাই॥3॥
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥ हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥