એમન ગૌરાંગેર ગુણે ના કાઁન્દિલ મન ।
મનુષ્ય દુર્લભ જન્મ ગેલ અકારણ ॥5॥
કેન વા આછયે પ્રાણ કિ સુખ પાઇયા।
નરોત્તમદાસ કેન ના ગેલ મરિયા॥6॥
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥ हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥