vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
वैष्णव भजन
»
प्राणेश्वर निवेदन
ପ୍ରାଣେଶ୍ଵର ନିଵେଦନ
ଶ୍ରୀଲ ନରୋତ୍ତମଦାସ ଠାକୁର
भाषा:
हिन्दी
|
English
|
தமிழ்
|
ಕನ್ನಡ
|
മലയാളം
|
తెలుగు
|
ગુજરાતી
|
বাংলা
|
ଓଡ଼ିଆ
|
ਗੁਰਮੁਖੀ
|
ପ୍ରାଣେ ଶ୍ଵର! ନିଵେଦନ ଏଇଜନ କରେ।
ଗୋଵିନ୍ଦ ଗୋକୁଲଚନ୍ଦ୍ର, ପରମ ଆନନ୍ଦକନ୍ଦ,
ଗୋପୀ-କୁଲପ୍ରିଯ ଦେଖ ମୋରେ॥1॥
ତୁଯା ପାଦପଦ୍ମ-ସେଵା, ଏଇ ଧନ ମୋରେ ଦିବା,
ତୁମି ପ୍ରଭୁ କରୁଣାର ନିଧି।
ପରମ ମଂଗଲ ଯଶ, ଶ୍ରଵଣେ ପରମ ରସ,
କାର କିବା କାର୍ଯ ନହେ ସିଦ୍ଧି॥2॥
ଦାରୁଣ ସଂସାର-ଗତି, ଵିଷଯେତେ ଲୁବ୍ଧ-ମତି,
ତୁଯା ଵିସ୍ମରଣ-ଶେଲ ବୁକେ।
ଜର-ଜର ତନୁ ମନ, ଅଚେତନ ଅନୁକ୍ଷଣ,
ଜୀଯନ୍ତେ ମରଣ ଭେଲ ଦୁଃଖେ॥3॥
ମୋ ବଡ଼ ଅଧମ-ଜନେ, କର କୃପା ନିରୀକ୍ଷଣେ,
ଦାସ କରି’ ରାଖ ଵୃନ୍ଦାଵନେ।
ଶ୍ରୀକୃଷ୍ଣଚୈତନ୍ଯ ନାମ, ପ୍ରଭୁ ମୋର ଗୌରଧାମ,
ନରୋତ୍ତମ ଲଇଲ ଶରଣ॥4॥
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥ हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×