"...साहित्य ... जो जीवन में क्रान्ति लाने वाले दिव्य शब्दों से ओतप्रोत है..." - श्रीमद्भागवत १.५.११
 
 
 
वैष्णव आचार्यों के गीत एवं भजन
 
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥ हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥