श्री विष्णु पुराण  »  अंश 6: षष्ठ अंश  »  अध्याय 7: ब्रह्मयोगका निर्णय  »  श्लोक 71
 
 
श्लोक  6.7.71 
समस्तशक्तिरूपाणि तत्करोति जनेश्वर।
देवतिर्यङ्मनुष्यादिचेष्टावन्ति स्वलीलया॥ ७१॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! भगवान् का वही रूप अपनी लीला से देवता, देव और मनुष्य के कार्यों से युक्त होकर सर्वशक्तिमान रूप धारण करता है ॥71॥
 
O king! The same form of God, through his Leela, assumes an almighty form consisting of the activities of a god, a deity and a human being. 71॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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