श्री विष्णु पुराण  »  अंश 6: षष्ठ अंश  »  अध्याय 7: ब्रह्मयोगका निर्णय  »  श्लोक 61
 
 
श्लोक  6.7.61 
विष्णुशक्ति: परा प्रोक्ता क्षेत्रज्ञाख्या तथाऽपरा।
अविद्या कर्मसंज्ञान्या तृतीया शक्तिरिष्यते॥ ६१॥
 
 
अनुवाद
विष्णु की शक्ति परम है, क्षेत्रज्ञ नामक शक्ति अधम है और कर्म नामक तीसरी शक्ति अविद्या कहलाती है। 61.
 
The power of Vishnu is supreme, the power called Kshetrajna is inferior and the third power called Karma is called Avidya. 61.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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