श्री विष्णु पुराण  »  अंश 6: षष्ठ अंश  »  अध्याय 7: ब्रह्मयोगका निर्णय  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  6.7.32 
एवमत्यन्तवैशिष्टॺयुक्तधर्मोपलक्षण:।
यस्य योगस्स वै योगी मुमुक्षुरभिधीयते॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
जिसका योग ऐसे विशेष गुण से युक्त है, उसे मुमुक्षु योगी कहते हैं। 32.
 
He whose yoga is endowed with such a special virtue is called a Mumukshu Yogi. 32.
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd