| श्री विष्णु पुराण » अंश 6: षष्ठ अंश » अध्याय 7: ब्रह्मयोगका निर्णय » श्लोक 101 |
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| | | | श्लोक 6.7.101  | तद्गच्छ श्रेयसे सर्वं ममैतद्भवता कृतम्।
यद्विमुक्तिप्रदो योग: प्रोक्त: केशिध्वजाव्यय:॥ १०१॥ | | | | | | अनुवाद | | हे केशिध्वज! इस मोक्षदायक योग का वर्णन करके आपने मेरा कल्याण किया है, अब आप प्रसन्नतापूर्वक पधारें ॥101॥ | | | | O Keshidhwaj! By describing this liberating Yoga you have done everything for my welfare, now please come happily. ॥101॥ | | ✨ ai-generated | | |
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