श्री विष्णु पुराण  »  अंश 6: षष्ठ अंश  »  अध्याय 6: केशिध्वज और खाण्डिक्यकी कथा  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  6.6.40 
स जगाम तदा भूयो रथमारुह्य पार्थिव:।
मैत्रेय दुर्गगहनं खाण्डिक्यो यत्र संस्थित:॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
हे मैत्रेय! फिर वह अपने रथ पर आरूढ़ होकर उसी दुर्गम वन में गया जहाँ खाण्डिक्य रहते थे ॥40॥
 
O Maitreya, then he mounted his chariot and went to the same inaccessible forest where Khandikya lived. ॥ 40॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)