vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 6: षष्ठ अंश
»
अध्याय 4: प्राकृत प्रलयका वर्णन
»
श्लोक 39
श्लोक
6.4.39
प्रकृतिर्या मयाऽऽख्याता व्यक्ताव्यक्तस्वरूपिणी।
पुरुषश्चाप्युभावेतौ लीयेते परमात्मनि॥ ३९॥
अनुवाद
जो व्यक्त और अव्यक्त प्रकृति मैंने बताई है, तथा जो मनुष्य है - दोनों ही उस परम पुरुष में विलीन हो जाते हैं ॥39॥
The manifest and unmanifest nature that I have described as well as the human being - both merge into that Supreme Being. ॥ 39॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×