श्री विष्णु पुराण  »  अंश 6: षष्ठ अंश  »  अध्याय 4: प्राकृत प्रलयका वर्णन  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  6.4.39 
प्रकृतिर्या मयाऽऽख्याता व्यक्ताव्यक्तस्वरूपिणी।
पुरुषश्चाप्युभावेतौ लीयेते परमात्मनि॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
जो व्यक्त और अव्यक्त प्रकृति मैंने बताई है, तथा जो मनुष्य है - दोनों ही उस परम पुरुष में विलीन हो जाते हैं ॥39॥
 
The manifest and unmanifest nature that I have described as well as the human being - both merge into that Supreme Being. ॥ 39॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)