श्री विष्णु पुराण  »  अंश 6: षष्ठ अंश  »  अध्याय 4: प्राकृत प्रलयका वर्णन  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  6.4.36 
एकश्शुद्धोऽक्षरो नित्यस्सर्वव्यापी तथा पुमान्।
सोऽप्यंशस्सर्वभूतस्य मैत्रेय परमात्मन:॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
इसके अतिरिक्त शुद्ध, निराकार, सनातन और सर्वव्यापी पुरुष भी परमेश्वर का ही अंश है ॥36॥
 
Apart from this, the pure, incorporeal, eternal and omnipresent Purusha is also a part of the Supreme God. 36॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)