श्री विष्णु पुराण  »  अंश 6: षष्ठ अंश  »  अध्याय 3: निमेषादि काल-मान तथा नैमित्तिक प्रलयका वर्णन  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  6.3.40 
अन्धकारीकृते लोके नष्टे स्थावरजङ्गमे।
वर्षन्ति ते महामेघा वर्षाणामधिकं शतम्॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार सम्पूर्ण जगत् के अंधकार में डूब जाने और समस्त स्थावर-जंगम प्राणियों के नष्ट हो जाने पर भी वे महान मेघ सौ वर्षों से भी अधिक समय तक वर्षा करते रहते हैं ॥40॥
 
In this manner, even after the entire world is engulfed in darkness and all mobile and immobile beings are destroyed, those great clouds continue to rain for more than a hundred years. ॥ 40॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)