श्री विष्णु पुराण  »  अंश 6: षष्ठ अंश  »  अध्याय 3: निमेषादि काल-मान तथा नैमित्तिक प्रलयका वर्णन  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  6.3.36 
केचित्पुरवराकारा: केचित्पर्वतसन्निभा:।
कूटागारनिभाश्चान्ये केचित्स्थलनिभा घना:॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
कोई नगर के समान बड़े हैं, कोई पर्वत के समान, कोई कूटागार (घर विशेष) के समान और कोई पृथ्वी के समान विस्तृत हैं ॥36॥
 
Some are as large as a city, some like a mountain, some like a Kutagar (special house) and some are as wide as the earth. ॥ 36॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)