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vishnu 6.3.1: श्री पराशरजी बोले - समस्त प्राणियों का विनाश तीन प्रकार का होता है - आकस्मिक, स्वाभाविक और अतिशय ।1॥   |   vishnu अध्याय 6.3: निमेषादि काल-मान तथा नैमित्तिक प्रलयका वर्णन   ।   vishnu अंश 6: षष्ठ अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 6: षष्ठ अंश  »  अध्याय 3: निमेषादि काल-मान तथा नैमित्तिक प्रलयका वर्णन  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  6.3.1 
श्रीपराशर उवाच
सर्वेषामेव भूतानां त्रिविध: प्रतिसञ्चर:।
नैमित्तिक: प्राकृतिकस्तथैवात्यन्तिको लय:॥ १॥
 
 
अनुवाद
श्री पराशरजी बोले - समस्त प्राणियों का विनाश तीन प्रकार का होता है - आकस्मिक, स्वाभाविक और अतिशय ।1॥
 
Shri Parasharji said – The destruction of all living beings is of three types – accidental, natural and extreme. 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)