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vishnu 6.2.40: अब मैं तुम्हें जगत् के प्रलय के विषय में जो प्रश्न तुमने मुझसे पूछा था, वह बताता हूँ - प्राकृत और गौण प्रलय ॥40॥   |   vishnu अध्याय 6.2: श्रीव्यासजीद्वारा कलियुग, शूद्र और स्त्रियोंका महत्त्व-वर्णन   ।   vishnu अंश 6: षष्ठ अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 6: षष्ठ अंश  »  अध्याय 2: श्रीव्यासजीद्वारा कलियुग, शूद्र और स्त्रियोंका महत्त्व-वर्णन  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  6.2.40 
यच्चाहं भवता पृष्टो जगतामुपसंहृतिम्।
प्राकृतामन्तरालां च तामप्येष वदामि ते॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
अब मैं तुम्हें जगत् के प्रलय के विषय में जो प्रश्न तुमने मुझसे पूछा था, वह बताता हूँ - प्राकृत और गौण प्रलय ॥40॥
 
Now, I will tell you about the question you asked me about the conclusion of the world - the natural and the secondary destruction. ॥40॥
 
इति श्रीविष्णुपुराणे षष्ठेंऽशे द्वितीयोऽध्याय:॥ २॥
 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)