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vishnu 6.2.30: "हे ब्राह्मणों! मैंने तुमसे यह [अपनी साधुता का रहस्य] कह दिया है। अब तुम अपनी इच्छा से मुझसे पूछ सकते हो कि तुम यहाँ क्यों आए हो। मैं तुम्हें सब कुछ बता दूँगा।"॥30॥   |   vishnu अध्याय 6.2: श्रीव्यासजीद्वारा कलियुग, शूद्र और स्त्रियोंका महत्त्व-वर्णन   ।   vishnu अंश 6: षष्ठ अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 6: षष्ठ अंश  »  अध्याय 2: श्रीव्यासजीद्वारा कलियुग, शूद्र और स्त्रियोंका महत्त्व-वर्णन  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  6.2.30 
एतद्व: कथितं विप्रा यन्निमित्तमिहागता:।
तत्पृच्छत यथाकामं सर्वं वक्ष्यामि व: स्फुटम्॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
"हे ब्राह्मणों! मैंने तुमसे यह [अपनी साधुता का रहस्य] कह दिया है। अब तुम अपनी इच्छा से मुझसे पूछ सकते हो कि तुम यहाँ क्यों आए हो। मैं तुम्हें सब कुछ बता दूँगा।"॥30॥
 
"O Brahmins! I have told you this [the secret of my saintliness]. Now you may ask me as per your wish as to why you have come here. I will explain everything to you."॥ 30॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)