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vishnu 6.2.25: [अब हम आपको बताते हैं कि स्त्रियों को श्रेष्ठ क्यों माना जाता है।] पुरुषों को सदैव सुपात्रों को दान देना चाहिए और धर्मानुसार अर्जित धन से विधिपूर्वक यज्ञ करना चाहिए।   |   vishnu अध्याय 6.2: श्रीव्यासजीद्वारा कलियुग, शूद्र और स्त्रियोंका महत्त्व-वर्णन   ।   vishnu अंश 6: षष्ठ अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 6: षष्ठ अंश  »  अध्याय 2: श्रीव्यासजीद्वारा कलियुग, शूद्र और स्त्रियोंका महत्त्व-वर्णन  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  6.2.25 
स्वधर्मस्याविरोधेन नरैर्लब्धं धनं सदा।
प्रतिपादनीयं पात्रेषु यष्टव्यं च यथाविधि॥ २५॥
 
 
अनुवाद
[अब हम आपको बताते हैं कि स्त्रियों को श्रेष्ठ क्यों माना जाता है।] पुरुषों को सदैव सुपात्रों को दान देना चाहिए और धर्मानुसार अर्जित धन से विधिपूर्वक यज्ञ करना चाहिए।
 
[Now let us tell you why women are considered superior.] Men should always give charity to deserving people and perform yajnas according to the prescribed rituals from the wealth earned by them in accordance with the Dharma. 25.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)