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vishnu 6.2.10: वहाँ आकर जब वे यथायोग्य अभिवादन पाकर अपने-अपने आसन पर बैठ गए, तब सत्यवतीनन्दन व्यासजी ने उनसे पूछा - "आप कैसे आये हैं?" 10॥   |   vishnu अध्याय 6.2: श्रीव्यासजीद्वारा कलियुग, शूद्र और स्त्रियोंका महत्त्व-वर्णन   ।   vishnu अंश 6: षष्ठ अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 6: षष्ठ अंश  »  अध्याय 2: श्रीव्यासजीद्वारा कलियुग, शूद्र और स्त्रियोंका महत्त्व-वर्णन  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  6.2.10 
कृतसंवन्दनांश्चाह कृतासनपरिग्रहान्।
किमर्थमागता यूयमिति सत्यवतीसुत:॥ १०॥
 
 
अनुवाद
वहाँ आकर जब वे यथायोग्य अभिवादन पाकर अपने-अपने आसन पर बैठ गए, तब सत्यवतीनन्दन व्यासजी ने उनसे पूछा - "आप कैसे आये हैं?" 10॥
 
After coming there, when they sat down on their seats after being greeted as per the appropriate greetings, Satyavatinandan Vyasji asked them - "How have you come?" 10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)