श्री विष्णु पुराण  »  अंश 6: षष्ठ अंश  »  अध्याय 1: कलिधर्मनिरूपण  »  श्लोक 51
 
 
श्लोक  6.1.51 
किं देवै: किं द्विजैर्वेदै: किं शौचेनाम्बुजन्मना।
इत्येवं विप्र वक्ष्यन्ति पाषण्डोपहता जना:॥ ५१॥
 
 
अनुवाद
हे ब्राह्मण! उस समय लोग पाखण्ड के प्रभाव में आकर कहेंगे कि, 'ये देवता, ब्राह्मण, वेद और जल द्वारा की गई पवित्रता का क्या प्रयोजन है?'॥ 51॥
 
O Brahmin, at that time people, under the influence of heresy, will say, 'What is the use of these gods, Brahmins, Vedas and cleanliness through water?'॥ 51॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)