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श्री विष्णु पुराण
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अंश 6: षष्ठ अंश
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अध्याय 1: कलिधर्मनिरूपण
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श्लोक 16
श्लोक
6.1.16
वित्तेन भविता पुंसां स्वल्पेनाढॺमद: कलौ।
स्त्रीणां रूपमदश्चैवं केशैरेव भविष्यति॥ १६॥
अनुवाद
कलियुग में लोग थोड़े से धन से अपने धन का अभिमान करेंगे और स्त्रियाँ अपने केशों से अपनी सुन्दरता का अभिमान करेंगी ॥16॥
In Kaliyuga, people will become proud of their wealth with little money and women will feel proud of their beauty with their hair. ॥16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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