श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 9: प्रलम्ब-वध  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  5.9.2 
ततस्तौ जातहर्षौ तु वसुदेवसुतावुभौ।
हत्वा धेनुकदैतेयं भाण्डीरवटमागतौ॥ २॥
 
 
अनुवाद
धेनुकासुर का वध करके वसुदेव के दोनों पुत्र प्रसन्न मन से भाण्डीर नामक वटवृक्ष के नीचे आये॥2॥
 
After killing Dhenukasura, both the sons of Vasudeva came under the banyan tree named Bhandir with a happy heart. 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)