श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 9: प्रलम्ब-वध  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  5.9.1 
श्रीपराशर उवाच
तस्मिन् रासभदैतेये सानुगे विनिपातिते।
सौम्यं तद‍्गोपगोपीनां रम्यं तालवनं बभौ॥ १॥
 
 
अनुवाद
श्री पराशर बोले - जब असुर गधा अपने अनुयायियों सहित मारा गया, तब वह सुन्दर सरोवर गोप-गोपियों के लिए सुखदायक हो गया।
 
Sri Parashara said - After the asura donkey along with his followers were killed, that beautiful lake became soothing for the gopas and gopis.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)