श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 7: कालिय-दमन  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  5.7.1 
श्रीपराशर उवाच
एकदा तु विना रामं कृष्णो वृन्दावनं ययौ।
विचचार वृतो गोपैर्वन्यपुष्पस्रगुज्ज्वल:॥ १॥
 
 
अनुवाद
श्री पराशर बोले - एक दिन भगवान श्री कृष्ण राम के बिना अकेले वृन्दावन चले गये और वहाँ जंगली फूलों की मालाओं से सुसज्जित होकर ग्वालों से घिरे हुए विचरण करने लगे।
 
Sri Parashara said - One day, without Rama's company, Krishna went alone to Vrindavan and, adorned with garlands of wild flowers, he started wandering there surrounded by the cowherds.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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