Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
vishnu 5.6.5: हमने अपनी आँखों से देखा है कि रोते हुए उसकी लात लगने से यह गाड़ी गिरकर पलट गई। यह किसी और का काम नहीं है।   |   vishnu अध्याय 5.6: शकटभंजन, यमलार्जुन-उद्धार, व्रजवासियोंका गोकुलसे वृन्दावनमें जाना और वर्षा-वर्णन   ।   vishnu अंश 5: पंचम अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 6: शकटभंजन, यमलार्जुन-उद्धार, व्रजवासियोंका गोकुलसे वृन्दावनमें जाना और वर्षा-वर्णन  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  5.6.5 
रुदता दृष्टमस्माभि: पादविक्षेपपातितम्।
शकटं परिवृत्तं वै नैतदन्यस्य चेष्टितम्॥ ५॥
 
 
अनुवाद
हमने अपनी आँखों से देखा है कि रोते हुए उसकी लात लगने से यह गाड़ी गिरकर पलट गई। यह किसी और का काम नहीं है।
 
We have seen with our own eyes that this cart fell and overturned because of his kick while crying. This is nobody else's work.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)