श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 6: शकटभंजन, यमलार्जुन-उद्धार, व्रजवासियोंका गोकुलसे वृन्दावनमें जाना और वर्षा-वर्णन  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  5.6.26 
तत: क्षणेन प्रययु: शकटैर्गोधनैस्तथा।
यूथशो वत्सपालाश्च कालयन्तो व्रजौकस:॥ २६॥
 
 
अनुवाद
तब व्रजवर्ती वासियों ने गोपालकों का समूह बनाया और क्षण भर में ही गाड़ियाँ और गायों को हाँकते हुए चल पड़े॥ 26॥
 
Then the residents of Vrajavarti formed a group of cattle-keepers and in a moment set off, driving the carts and the cows.॥ 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)