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श्री विष्णु पुराण
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अंश 5: पंचम अंश
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अध्याय 38: यादवोंका अन्त्येष्टि-संस्कार, परीक्षित् का राज्याभिषेक तथा पाण्डवोंका स्वर्गारोहण
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श्लोक 94
श्लोक
5.38.94
यश्चैतच्चरितं तस्य कृष्णस्य शृणुयात्सदा।
सर्वपापविनिर्मुक्तो विष्णुलोकं स गच्छति॥ ९४॥
अनुवाद
जो मनुष्य भगवान श्रीकृष्ण के इस चरित्र को सदैव सुनता है, वह सब पापों से मुक्त होकर अन्त में विष्णुलोक को जाता है ॥94॥
The person who always listens to this character of Lord Krishna, becomes free from all sins and ultimately goes to Vishnuloka. 94॥
इति श्रीविष्णुपराणे पञ्चमेंऽशे अष्टात्रिंशोऽध्याय:॥ ३८॥
इति श्रीपराशरमुनिविरचिते श्रीविष्णुपरत्वनिर्णायके श्रीमति विष्णुमहापुराणे पञ्चमोंऽश: समाप्त:।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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