श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 38: यादवोंका अन्त्येष्टि-संस्कार, परीक्षित् का राज्याभिषेक तथा पाण्डवोंका स्वर्गारोहण  »  श्लोक 92
 
 
श्लोक  5.38.92 
व्यासवाक्यं च ते सर्वे श्रुत्वार्जुनमुखेरितम्।
राज्ये परीक्षितं कृत्वा ययु: पाण्डुसुता वनम्॥ ९२॥
 
 
अनुवाद
उन सभी पाण्डुपुत्रों ने अर्जुन के मुख से व्यासजी का सन्देश सुनकर परीक्षित को राजा पद पर अभिषिक्त किया और स्वयं वन को चले गए ॥92॥
 
All those sons of Pandu, after hearing the message of Vyasji from the mouth of Arjun, anointed Parikshit to the post of king and themselves went to the forest. 92॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)