श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 38: यादवोंका अन्त्येष्टि-संस्कार, परीक्षित् का राज्याभिषेक तथा पाण्डवोंका स्वर्गारोहण  »  श्लोक 90
 
 
श्लोक  5.38.90 
तद‍्गच्छ धर्मराजाय निवेद्यैतद्वचो मम।
परश्वो भ्रातृभिस्सार्धं यथा यासि तथा कुरु॥ ९०॥
 
 
अनुवाद
अब तुम जाकर धर्मराज युधिष्ठिर से मेरी ये सब बातें कहो और परसों अपने भाइयों सहित वन में जाने का प्रयत्न करो॥90॥
 
Now go and tell all these words of mine to Dharmaraja Yudhishthir and make efforts to go to the forest along with your brothers the day after tomorrow.॥ 90॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)