श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 38: यादवोंका अन्त्येष्टि-संस्कार, परीक्षित् का राज्याभिषेक तथा पाण्डवोंका स्वर्गारोहण  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  5.38.9 
प्लावयामास तां शून्यां द्वारकां च महोदधि:।
वासुदेवगृहं त्वेकं न प्लावयति सागर:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार समुद्र ने कृष्णचन्द्र के महल को छोड़कर निर्जन द्वारका को जलमग्न कर दिया ॥9॥
 
In this way the ocean submerged the deserted Dwaraka, except the palace of Krishnachandra. ॥9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)