श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 38: यादवोंका अन्त्येष्टि-संस्कार, परीक्षित् का राज्याभिषेक तथा पाण्डवोंका स्वर्गारोहण  »  श्लोक 70
 
 
श्लोक  5.38.70 
गृहीता दस्युभिर्याश्च भवाञ्छोचति तास्स्त्रिय:।
एतस्याहं यथावृत्तं कथयामि तवार्जुन॥ ७०॥
 
 
अनुवाद
हे अर्जुन! तुम उन डाकुओं द्वारा हरण की गई स्त्रियों के लिए शोक कर रहे हो, इसलिए मैं तुम्हें उसका सच्चा रहस्य बताता हूँ।
 
O Arjuna, you are grieving for the women abducted by those bandits, so I shall tell you its true secret. 70.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)