श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 38: यादवोंका अन्त्येष्टि-संस्कार, परीक्षित् का राज्याभिषेक तथा पाण्डवोंका स्वर्गारोहण  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  5.38.7 
सभा सुधर्मा कृष्णेन मर्त्यलोके समुज्झिते।
स्वर्गं जगाम मैत्रेय पारिजातश्च पादप:॥ ७॥
 
 
अनुवाद
हे मैत्रेय! जैसे ही कृष्णचन्द्र ने नश्वर संसार छोड़ा, सुधर्मा सभा और पारिजात वृक्ष भी स्वर्ग चले गये। 7॥
 
O Maitreya! As soon as Krishna Chandra left the mortal world, Sudharma Sabha and Parijat tree also went to heaven. 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)