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श्री विष्णु पुराण
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अंश 5: पंचम अंश
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अध्याय 38: यादवोंका अन्त्येष्टि-संस्कार, परीक्षित् का राज्याभिषेक तथा पाण्डवोंका स्वर्गारोहण
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श्लोक 69
श्लोक
5.38.69
पार्थैतत्सर्वभूतस्य हरेर्लीलाविचेष्टितम्।
त्वया यत्कौरवा ध्वस्ता यदाभीरैर्भवाञ्जित:॥ ६९॥
अनुवाद
हे पार्थ! यह सब सर्वशक्तिमान ईश्वर की लीला ही है कि आपने अकेले ही कौरवों का नाश किया और फिर स्वयं अहीरों से पराजित हुए।
O Partha! It is all due to the divine play of the Almighty God that you alone destroyed the Kauravas and then yourself got defeated by the Ahirs.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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