श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 38: यादवोंका अन्त्येष्टि-संस्कार, परीक्षित् का राज्याभिषेक तथा पाण्डवोंका स्वर्गारोहण  »  श्लोक 67
 
 
श्लोक  5.38.67 
भगोदये ते कौन्तेय सहायोऽभूज्जनार्दन:।
तथान्ते तद्विपक्षास्ते केशवेन विलोकिता:॥ ६७॥
 
 
अनुवाद
हे कौन्तेय! जब तुम्हारा सौभाग्य उदय हुआ, तब श्री जनार्दन तुम्हारे सहायक थे और जब वह सौभाग्य नष्ट हो गया, तब तुम्हारे विरोधियों को श्री केशव का आशीर्वाद प्राप्त हुआ।
 
O Kaunteya, when your good fortune rose, Sri Janardana was your helper, and when that (good fortune) ended, your opponents were blessed by Sri Keshav. 67.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)