श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 38: यादवोंका अन्त्येष्टि-संस्कार, परीक्षित् का राज्याभिषेक तथा पाण्डवोंका स्वर्गारोहण  »  श्लोक 64
 
 
श्लोक  5.38.64 
त्वयैकेन हता भीष्मद्रोणकर्णादयो रणे।
तेषामर्जुन कालोत्थ: किं न्यूनाभिभवो न स:॥ ६४॥
 
 
अनुवाद
हे अर्जुन! जब तुमने अकेले ही युद्ध में भीष्म, द्रोण और कर्ण को मार डाला, तो क्या वह समय के साथ दुर्बल हुए पुरुष द्वारा उन वीरों की पराजय नहीं थी?॥ 64॥
 
O Arjuna, when you alone killed Bhishma, Drona and Karna in the war, was that not the defeat of those heroes by a man who was weak with the passage of time?॥ 64॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)