श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 38: यादवोंका अन्त्येष्टि-संस्कार, परीक्षित् का राज्याभिषेक तथा पाण्डवोंका स्वर्गारोहण  »  श्लोक 47
 
 
श्लोक  5.38.47 
भीष्मद्रोणाङ्गराजाद्यास्तथा दुर्योधनादय:।
यत्प्रभावेण निर्दग्धास्स कृष्णस्त्यक्तवान्भुवम्॥ ४७॥
 
 
अनुवाद
जिनकी प्रचण्ड अग्नि में भीष्म, द्रोण, कर्ण और दुर्योधन आदि अनेक वीर योद्धा भस्म हो गए थे, वे कृष्णचन्द्र इस संसार से चले गए हैं ॥ 47॥
 
The Krishnachandra, in whose powerful fire many valiant warriors like Bhishma, Drona, Karna and Duryodhana were burnt, has left this world. ॥ 47॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)