श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 38: यादवोंका अन्त्येष्टि-संस्कार, परीक्षित् का राज्याभिषेक तथा पाण्डवोंका स्वर्गारोहण  »  श्लोक 46
 
 
श्लोक  5.38.46 
यस्यावलोकनादस्माञ्छ्रीर्जय: सम्पदुन्नति:।
न तत्याज स गोविन्दस्त्यक्त्वास्मान्भगवान्गत:॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
जिनकी कृपा से हमें कभी समृद्धि, विजय, धन और उन्नति नहीं मिली, वही भगवान गोविन्द हमें छोड़कर चले गए हैं ॥ 46॥
 
The same Lord Govinda, whose grace never allowed us prosperity, victory, wealth and progress, has left us. ॥ 46॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)