श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 38: यादवोंका अन्त्येष्टि-संस्कार, परीक्षित् का राज्याभिषेक तथा पाण्डवोंका स्वर्गारोहण  »  श्लोक 45
 
 
श्लोक  5.38.45 
अस्त्राणां सायकानां च गाण्डीवस्य तथा मम।
सारता याभवन्मूर्त्तिस्स गत: पुरुषोत्तम:॥ ४५॥
 
 
अनुवाद
मेरे दिव्य अस्त्र-शस्त्र, दिव्य बाण और गाण्डीव धनुष के स्वरूप परमेश्वर हमें छोड़कर चले गए हैं ॥ 45॥
 
The Supreme Lord, who was the embodiment of my divine weapons, divine arrows and the Gandiva bow, has left us. ॥ 45॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)