श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 38: यादवोंका अन्त्येष्टि-संस्कार, परीक्षित् का राज्याभिषेक तथा पाण्डवोंका स्वर्गारोहण  »  श्लोक 41
 
 
श्लोक  5.38.41 
स्पृष्टो नखाम्भसा वाथ घटवार्युक्षितोऽपि वा।
केन त्वं वासि विच्छायो न्यूनैर्वा युधि निर्जित:॥ ४१॥
 
 
अनुवाद
क्या तुमने कील का जल छुआ था? क्या घड़े का जल तुम्हारे ऊपर गिरा था? अथवा किसी दुर्बल मनुष्य ने तुम्हें युद्ध में पराजित कर दिया था? फिर तुम इतने व्याकुल क्यों हो?''॥41॥
 
Did you touch the nail water? Did the water from the pitcher spill on you or did some weak man defeat you in a battle? Then why are you so bewildered?''॥ 41॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)