श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 38: यादवोंका अन्त्येष्टि-संस्कार, परीक्षित् का राज्याभिषेक तथा पाण्डवोंका स्वर्गारोहण  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  5.38.36 
तं वन्दमानं चरणाववलोक्य मुनिश्चिरम्।
उवाच वाक्यं विच्छाय: कथमद्य त्वमीदृश:॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
अर्जुन को बहुत देर तक अपने चरणों की पूजा करते देख मुनि बोले - "आज तुम इतने उदास क्यों दिख रहे हो ?॥ 36॥
 
Seeing Arjuna worshipping his feet for a long time, the sage said, "Why are you looking so dull today?॥ 36॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)