vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 5: पंचम अंश
»
अध्याय 38: यादवोंका अन्त्येष्टि-संस्कार, परीक्षित् का राज्याभिषेक तथा पाण्डवोंका स्वर्गारोहण
»
श्लोक 36
श्लोक
5.38.36
तं वन्दमानं चरणाववलोक्य मुनिश्चिरम्।
उवाच वाक्यं विच्छाय: कथमद्य त्वमीदृश:॥ ३६॥
अनुवाद
अर्जुन को बहुत देर तक अपने चरणों की पूजा करते देख मुनि बोले - "आज तुम इतने उदास क्यों दिख रहे हो ?॥ 36॥
Seeing Arjuna worshipping his feet for a long time, the sage said, "Why are you looking so dull today?॥ 36॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×