श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 38: यादवोंका अन्त्येष्टि-संस्कार, परीक्षित् का राज्याभिषेक तथा पाण्डवोंका स्वर्गारोहण  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  5.38.35 
स ददर्श ततो व्यासं फाल्गुन: काननाश्रयम्।
तमुपेत्य महाभागं विनयेनाभ्यवादयत्॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् वह वन में रहने वाले महर्षि व्यास से मिला और उन महर्षि के पास जाकर उन्हें नम्रतापूर्वक प्रणाम किया ॥35॥
 
Thereafter he met the sage Vyasa who lived in the forest and went near that great sage and bowed to him with humility. ॥ 35॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)