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श्री विष्णु पुराण
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अंश 5: पंचम अंश
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अध्याय 38: यादवोंका अन्त्येष्टि-संस्कार, परीक्षित् का राज्याभिषेक तथा पाण्डवोंका स्वर्गारोहण
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श्लोक 28
श्लोक
5.38.28
प्रेक्षतस्तस्य पार्थस्य वृष्ण्यन्धकवरस्त्रिय:।
जग्मुरादाय ते म्लेच्छा: समस्ता मुनिसत्तम॥ २८॥
अनुवाद
हे महामुनि! इस प्रकार अर्जुन के सामने ही म्लेच्छगण वृष्टि तथा अंधकवंश की समस्त स्त्रियों को लेकर चले गए॥28॥
Oh great sage! Thus, in front of Arjun, the Mlechchhagans took Vrishti and all the women of the Andhak dynasty and went away. 28॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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