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श्री विष्णु पुराण
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अंश 5: पंचम अंश
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अध्याय 38: यादवोंका अन्त्येष्टि-संस्कार, परीक्षित् का राज्याभिषेक तथा पाण्डवोंका स्वर्गारोहण
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श्लोक 26
श्लोक
5.38.26
मिषत: पाण्डुपुत्रस्य ततस्ता: प्रमदोत्तमा:।
आभीरैरपकृष्यन्त कामं चान्या: प्रदुद्रुवु:॥ २६॥
अनुवाद
अर्जुन के देखते ही देखते अहीर उन बहुमूल्य स्त्रियों को घसीटकर ले जाने लगे, और उनमें से कुछ अपनी इच्छानुसार इधर-उधर भाग गईं॥26॥
In front of Arjuna's eyes the Ahirs began dragging away those precious women, some of whom fled here and there as per their wish.॥26॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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