श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 38: यादवोंका अन्त्येष्टि-संस्कार, परीक्षित् का राज्याभिषेक तथा पाण्डवोंका स्वर्गारोहण  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  5.38.23 
शरान्मुमोच चैतेषु पार्थो वैरिष्वमर्षित:।
त्वग्भेदं ते परं चक्रुरस्ता गाण्डीवधन्विना॥ २३॥
 
 
अनुवाद
तब वह क्रोधित हो गया और अपने शत्रुओं पर बाणों की वर्षा करने लगा; किन्तु गांडीवधारी अर्जुन द्वारा छोड़े गए बाण केवल उनकी त्वचा को छेद रहे थे।
 
Then he became furious and showered arrows on his enemies; but the arrows shot by Gandiva-wielding Arjuna only pierced their skin.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)