श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 38: यादवोंका अन्त्येष्टि-संस्कार, परीक्षित् का राज्याभिषेक तथा पाण्डवोंका स्वर्गारोहण  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  5.38.2 
अष्टौ महिष्य: कथिता रुक्मिणीप्रमुखास्तु या:।
उपगुह्य हरेर्देहं विविशुस्ता हुताशनम्॥ २॥
 
 
अनुवाद
रुक्मिणीसहित भगवान श्रीकृष्ण की आठों रानियाँ उनके शरीर से लिपट गईं और अग्नि में प्रवेश कर गईं॥2॥
 
The eight queens of Lord Krishna, including Rukmini, all embraced his body and entered the fire. ॥2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)