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श्री विष्णु पुराण
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अंश 5: पंचम अंश
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अध्याय 38: यादवोंका अन्त्येष्टि-संस्कार, परीक्षित् का राज्याभिषेक तथा पाण्डवोंका स्वर्गारोहण
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श्लोक 19
श्लोक
5.38.19
ततो निर्भर्त्स्य कौन्तेय: प्राहाभीरान्हसन्निव।
निवर्तध्वमधर्मज्ञा यदि न स्थ मुमूर्षव:॥ १९॥
अनुवाद
तब अर्जुन ने उन लुटेरों को डाँटकर हँसते हुए कहा, "अरे पापियों! यदि तुम मरना नहीं चाहते, तो अभी लौट जाओ।"
Then Arjuna rebuked those robbers and smilingly said, "Oh sinners! If you do not wish to die, then return now."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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